वाराणसी , मई 16 -- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डॉ. अनुराग तिवारी की ओपीडी में एक मरीज पहुंचा, जिसकी खाने की नली में पिछले 20 दिनों से नकली दांत फंसा हुआ था। नुकीले दांत ने नली की दीवारों को क्षतिग्रस्त कर दिया था और धीरे-धीरे घाव बन रहा था।
डॉ. तिवारी ने बताया कि जटिल प्रक्रिया के बाद इंडोस्कोपी के जरिए नकली दांत को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। दो घंटे बाद ही मरीज को खाना खाने की अनुमति दे दी गई।
शनिवार को डॉ. तिवारी ने बताया कि गैस्ट्रोलॉजी के डॉक्टर होने के नाते अगर खाने की नली में कोई सामान्य खाद्य पदार्थ फंस जाए तो इंडोस्कोपी से आसानी से निकाला जा सकता है, लेकिन नुकीला दांत निकालना इतना सरल नहीं था। दांत न केवल नली को जख्मी कर रहा था, बल्कि खाना भी ऊपर की ओर फंस रहा था। इससे नली फटने का खतरा भी पैदा हो गया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित