बैतूल , जुलाई 6 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में अधिकारियों को खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने सहित कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार शिकायतों की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण, राजस्व, जल संसाधन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और वाणिज्यिक कर विभाग सहित अन्य विभागों को एक सप्ताह के भीतर अधिकतम शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी और आठनेर जनपद पंचायतों में शिकायतों के निराकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।
उन्होंने सभी एसडीएम और खनिज विभाग के अधिकारियों को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण कर अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निजी खाद विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण कर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर के मामलों में संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई एवं समय-सीमा के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा झल्लार क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों में त्रुटि सुधार कार्य में लापरवाही पर संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले के चिन्हित 554 गांवों में अधोसंरचना विकास और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
इसके अलावा लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, आदर्श आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास, एथलेटिक ट्रैक निर्माण, जिला खनिज प्रतिष्ठान मद की आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, समग्र शिक्षा अभियान और पर्यटन विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
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