भिण्ड , अक्टूबर 19 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में खाद के साथ जिंक, कीटनाशक या अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। कलेक्टर पवन कुमार जैन ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों और थोक विक्रेताओं की बैठक में ये निर्देश दिए।

कलेक्टर ने रबी सीजन में खाद की उपलब्धता, परिवहन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि डीएपी, यूरिया और एनपीके सहित किसी भी उर्वरक के साथ जिंक, कीटनाशक, नीम उत्पाद या अन्य सामान खरीदने के लिए किसानों को बाध्य नहीं किया जाए। खाद की टैगिंग या बंडलिंग कर जबरन बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उर्वरकों की बिक्री निर्धारित दरों पर करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कंपनियों, थोक विक्रेताओं और परिवहनकर्ताओं के बीच समन्वय बनाकर खाद की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित करने को कहा। लोडिंग-अनलोडिंग, भंडारण और परिवहन व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा खाद को निर्धारित गंतव्य तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। जरूरत के अनुसार रात में भी परिवहन करने को कहा गया।

कलेक्टर ने डीएपी, यूरिया और एनपीके के अलावा उपलब्ध अन्य उर्वरकों के उठाव और वितरण पर ध्यान देने तथा किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर राजन बी. नाडिया, उप संचालक कृषि राम सुजान शर्मा, उर्वरक यूनियन के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और थोक विक्रेता उपस्थित रहे।

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