धार , अगस्त 06 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और डीएपी खाद की मांग बढ़ने से वितरण केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खाद की आवश्यकता के चलते गुरुवार सुबह से ही मनावर तहसील के धार रोड स्थित टेकरी वेयरहाउस केंद्र पर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। खाद की बुकिंग और टोकन प्राप्त करने के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग सात बजे से ही करीब 100 किसान अपने दोपहिया वाहनों के साथ वेयरहाउस केंद्र पहुंच गए थे। पर्ची और टोकन बनवाने के लिए किसानों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में सोयाबीन, कपास, मक्का और मूंग की फसलों में खाद की आवश्यकता अधिक होने से सभी केंद्रों पर दबाव बढ़ गया है।

स्थानीय किसान मुकेश और राजाराम ने बताया कि प्रशासन मशीन आधारित व्यवस्था के माध्यम से खाद का वितरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को पहले ही खाद मिल चुकी है, उन्हें इस बार सीमित मात्रा में खाद दी जा रही है, जिससे कई किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) महेश बर्मन ने बताया कि शासकीय केंद्रों के साथ-साथ निजी खाद विक्रेताओं के पास भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से आवश्यकता पड़ने पर निकटतम निजी विक्रेता से भी खाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी की नई खेप लगातार पहुंच रही है तथा अधिकांश किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है।

खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निर्धारित दरों पर ही बिक्री के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार 45 किलोग्राम की यूरिया की बोरी का मूल्य 266 से 268 रुपये तथा 50 किलोग्राम डीएपी की बोरी का मूल्य 1,350 रुपये निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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