भोपाल , जुलाई 16 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने खाद और बीज की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों को लेकर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की है। पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं के समाधान में विफल रहने का आरोप लगाया है।
माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने भोपाल में भूख हड़ताल के दौरान कहा कि मानसून में देरी और कम वर्षा की आशंका के बीच किसान पहले से ही संकट में हैं। ऐसे समय में रासायनिक खाद की कमी, वितरण में कथित बाधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता नहीं होने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से खाद के प्रबंधन में कमी, कालाबाजारी और नकली खाद तथा बीजों की समस्या बनी हुई है। पार्टी का कहना है कि इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
माकपा ने मांग की है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाए, टोकन प्रणाली समाप्त की जाए, प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा बीज विफल होने की स्थिति में किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए।
पार्टी के अनुसार प्रदेश के अनेक जिलों में राज्य स्तरीय नेताओं की मौजूदगी में भूख हड़ताल शुरू की गई है। भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद संबंधित जिलों के कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की जाएगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
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