मुंबई , अगस्त 21 -- महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ दो दिवसीय प्रदेशव्यापी प्रवर्तन अभियान के दौरान 13 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये हैं और 26.41 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किये हैं।
एफडीए ने विज्ञप्ति में बताया कि यह विशेष अभियान 19-20 अगस्त को चलाया गया था, जिसके दौरान दूध एवं डेयरी उत्पादों, बेकरी वस्तुओं, खाद्य तेलों और अन्य खाद्य पदार्थों को लक्षित कर राज्य भर में 22 छापे मारे गये।
विभाग ने 5.04 लाख रुपये मूल्य का 2,348 किलोग्राम डेयरी उत्पाद एवं पाउडर और 902 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया। नवी मुंबई के महापे स्थित 'भास्कर डेयरी' में अधिकारियों ने 2.23 लाख रुपये मूल्य का 1,309 किलोग्राम/लीटर अन्य डेयरी उत्पाद जब्त किया। पान मसाला और गुटखा सहित प्रतिबंधित उत्पाद बेचते पाये गये 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी। कार्रवाई के दौरान12 प्राथमिकी दर्ज की गयीं और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 14.55 लाख रुपये मूल्य का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।
इस प्रवर्तन कार्रवाई में 11.85 लाख रुपये मूल्य के लगभग 7,099.8 किलोग्राम अन्य खाद्य उत्पाद भी जब्त किये गये, जिनमें दुग्ध उत्पाद, बेकरी उत्पाद और खाद्य तेल शामिल हैं।
मुंबई में एफडीए अधिकारियों ने 89 होटलों, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया। 71 प्रतिष्ठानों को सुधार के नोटिस दिये गये, जबकि गंभीर उल्लंघनों के लिए 13 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिये गये। कार्रवाई का सामना करने वालों में नरीमन प्वाइंट स्थित 'स्टेटस रेस्तरां' शामिल था, जहां निरीक्षकों को साफ-सफाई में कई गंभीर लापरवाहियां मिलीं। इनमें कर्मचारियों का बर्तनों के ऊपर मुंह धोना, सुरक्षा उपकरणों की कमी, गंदे बर्तन, जलभराव और ग्रीस व तिलचट्टा रोकने का इंतजाम न होना शामिल था। इसके अलावा तापमान निगरानी के रिकॉर्ड भी नहीं रखे गये थे।
कोलाबा में मैकडोनाल्ड्स चलाने वाली कंपनी 'हार्डकैसल रेस्तरां प्राइवेट लिमिटेड' का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। यह प्रतिष्ठान पिछले निरीक्षण नोटिस में बतायी गयी 20 में से 18 शर्तों को पूरा करने में नाकाम रहा था। इन नियमों के उल्लंघन में मशीनों व उपकरणों की सही सेटिंग न होना और तापमान में भारी गड़बड़ी पाया जाना शामिल था। सांताक्रूज पश्चिम स्थित 'बजरंग स्वीट मार्ट' ने अनुपालन मूल्यांकन में 86 में से 40 अंक प्राप्त किए। अधिकारियों ने उखड़ता पेंट, जंग लगे उपकरण, अनुचित भंडारण और अपना एफएसएसएआई लाइसेंस प्रदर्शित न करने जैसी गड़बड़ियां पायीं।एफडीए ने एक ऐसा मामला भी पकड़ा, जहां एक प्रतिष्ठान ने 148 पन्नों की अनुपालन रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें दावा किया गया था कि सभी कमियों को ठीक कर लिया गया है। बाद में किये गये निरीक्षण में पाया गया कि कई गंभीर उल्लंघन अब भी बने हुए थे।
विभाग ने कहा कि झूठी जानकारी देना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 61 के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।
एफडीए ने भ्रामक दावों के खिलाफ भी आगाह करते हुए कहा कि कुछ प्रतिष्ठान प्रसंस्कृत गैर-डेयरी एनालॉग (सिंथेटिक) उत्पादों को 'असली चीज' और 'असली पनीर' के रूप में बेच रहे थे, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है।विभाग ने चेतावनी दी कि लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद चलने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बिना वैध लाइसेंस के काम करने जैसा व्यवहार किया जायेगा और उन्हें खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
एफडीए ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूरे महाराष्ट्र में प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा।
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