चंडीगढ़ , जून 17 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी की धरती आज आत्मनिर्भरता, सम्मान, रोजगार और समृद्धि का प्रतीक बन गई है। खादी रोजगार उत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ''कल फॉर लोकल'' और ''विकसित भारत-2047'' के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय से खादी भारतीयों के श्रम, गरिमा और आत्मसम्मान का प्रतीक रही है।
उन्होंने सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव में विभिन्न जिलों के लाभार्थियों को सिलाई मशीनें, जूता निर्माण मशीनें, चरखे, मधुमक्खी पालन उपकरण और अन्य टूलकिट वितरित किए। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से 2,350 मधुमक्खी बक्सों का वितरण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा में 972 कारीगरों को 3,645 मशीनें और टूलकिट प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये उपकरण केवल मशीनें नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों को साकार करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत प्रदेश में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी दी गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कारोबार 31 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पिछले 12 वर्षों में इस क्षेत्र के माध्यम से देशभर में लगभग दो करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। खादी क्षेत्र से जुड़े 80 प्रतिशत कारीगर महिलाएं हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पानीपत में 10 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय स्तर का हथकरघा प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक में ग्राम हाट विकसित किए जाएंगे ताकि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। उन्होंने युवाओं से खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में नवाचार ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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