नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) के नियम और शर्तों पर गुरुवार को दोनों पक्षों के मुख्य वार्ताकारों ने हस्ताक्षर किये।
अब इन नियम और शर्तों के दायरे में दोनों पक्षों के बीच एफटीए पर वार्ता आगे बढ़ेगी। जीसीसी में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव तथा मुख्य वार्ताकार अजय भादू और जीसीसी महासचिव के मुख्य वार्ताकार रजा अल मर्जोकी ने हस्ताक्षर किये। इस मौके पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे।
श्री गोयल ने जीसीसी के साथ एफटीए की दिशा में इस महत्वपूर्ण कदम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छह देशों से संगठन के साथ भारत से संबंध रणनीतिक भागीदारी में बदल गये हैं और उन्हें नया तथा विस्तृत आयाम मिला है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से व्यापार समझौतों के साथ जीसीसी से एफटीए भारतीय उत्पादों और सेवाओं, एमएसएमई, उद्यमों, कुशल युवाओं तथा पेशेवरों के लिए नये द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे देश में बड़ा निवेश आयेगा।
हस्ताक्षर पर समझौते की तस्वीरें साझा करते हुए श्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत विकसित देशों के साथ अपने रिश्तों को और सुदृढ़ कर रहा है। जीसीसी के साथ परस्पर लाभदायक संबंधों की पूरी क्षमता के इस्तेमाल के लिए मंच तैयार है।
श्री मर्जोकी ने कहा कि जीसीसी और भारत के बीच ऐतिहासिक व्यापार संबंध हैं।
श्री मर्जोकी अपनी भारत यात्रा के दौरान श्री अग्रवाल से मिले और विशेषकर मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में दोनों पक्षों के बीच सकल आर्थिक भागीदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने जीसीसी को 56.87 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि वहां से आयात 121.68 अरब डॉलर रहा। दोनों के बीच कुल व्यापार 178.56 अरब डॉलर पर था। पिछले पांच साल में जीसीसी देशों के साथ भारत के व्यापार में औसतन 15.42 प्रतिशत सालाना की दर से वृद्धि हुई है।
भारत जीसीसी को इंजीनियरिंग सामान, चावल, कपड़े, मशीनरी और रत्न एवं आभूषणों का निर्यात करता है। भारत वहां से कच्चा तेल, तरल प्राकृतिक गैस, पेट्रो रसायन और बहुमूल्य धातुओं जैसे सोने का आयात करता है।
जीसीसी देशों की संयुक्त आबादी 6.15 करोड़ और वर्तमान मूल्य पर संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.3 लाख करोड़ डॉलर है। वहां से भारत में बड़ी मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी आता है। वहां भारतीय समुदाय के लगभग एक करोड़ लोग रहते हैं।
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