टिहरी , अक्टूबर 31 -- भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण केवल कानूनों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की ईमानदारी और नैतिक जिम्मेदारी से संभव है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तराखंड में टिहरी की राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में शनिवार को विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार के विभिन्न स्वरूपों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

निदेशालय सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड देहरादून की ओर से निर्धारित 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' थीम के तहत आयोजित सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने खाड़ी क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आमजन को जागरूक किया। नाटक में रिश्वत देना और लेना, निजी स्वार्थ के लिए अनुचित साधनों का इस्तेमाल, परीक्षा में नकल तथा नियमों की जानकारी के अभाव में अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।

विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के जरिए संदेश दिया कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों से समझौता करना भी भ्रष्ट आचरण है। उन्होंने आमजन से जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की।

नुक्कड़ नाटक में कल्पना, सूरजी, आंचल राणा, रंजना नेगी, आयुषी, अनिशा और पायल बिष्ट ने विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। वहीं अंशिका बिष्ट, कल्पना असवाल, रीता, साक्षी, प्राची और काजल ने आमजन की भूमिकाओं के माध्यम से प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।

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