सीकर , फरवरी 23 -- राजस्थान में सीकर जिले के खाटूधाम में आयोजित बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के तीसरे दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और तीन दिनों में चार लाख 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किये।
देश-प्रदेश से आये श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा श्याम के दर्शन कर रहे हैं और जयकारों और भक्ति संगीत के बीच पूरी श्याम नगरी भक्तिमय वातावरणमें सराबोर है। राजस्थान पुलिस के पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच रींगस से खाटूधाम तक निर्धारित मार्गों से श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित एवं सुगम दर्शन कराये जा रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आठ दिवसीय फाल्गुनी लक्खी मेले के तीसरे दिन सायं तक चार लाख 10 हजार 316 श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दरबार में शीश नवाया। 75 फुट मार्ग पर स्थापित अत्याधुनिक गणना कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सटीक गणना की जा रही है। मेले के पहले दिन एक लाख 24 हजार 324, दूसरे दिन एक लाख 97 हजार 992 तथा तीसरे दिन सायं तक 88 हजार श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
रींगस रोड से तोरणद्वार, अस्पताल चौराहा, गढ़ धर्मशाला और रामजी द्वार होते हुए 75 फुट मार्ग की 14 कतारों से दर्शन की व्यवस्था की गयी है। लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सोमवार को बाबा श्याम का पिंक एवं सफेद पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिससे मंदिर परिसर की भव्यता और बढ़ गयी।
मेले की विशालता के मद्देनजर राजस्थान पुलिस द्वारा व्यापक एवं बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किये गये हैं। मेले क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, आरएसी तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा पैदल गश्त लगातार जारी है। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है वहीं ड्रोन कैमरों से भी भीड़ प्रबंधन पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विभिन्न स्थानों पर सहायता डेस्क और खोया-पाया केंद्र स्थापित किये गये हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रींगस-खाटू मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है तथा आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गयी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें।
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