बलौदाबाजार , जून 23 -- छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के खर्वे गांव में पिछले चार महीनों के दौरान हुई आठ संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने व्यक्तिगत रंजिश और अन्य कारणों से शराब में जहर मिलाकर आठ लोगों की हत्या की तथा एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया।

पुलिस ने आज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फरवरी से मई 2026 के बीच खर्वे गांव में लगातार आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरुआत में इन मौतों को सामान्य घटना माना गया, लेकिन लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय और संदेह का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन में गांव के ही रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किए जाने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने पहले एक कुत्ते पर जहरीले पदार्थ का परीक्षण किया था। इसके बाद उसने अपने परिचितों को निशाना बनाना शुरू किया। आरोपी कथित तौर पर "सुहागा" नामक जहरीला पदार्थ चूहे मारने की दवा के बहाने लाया और उसे शराब में मिलाकर लोगों को पिलाता रहा।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, जमीन विवाद, पत्नी पर गलत नजर रखने की आशंका, कर्ज विवाद तथा टोना-टोटका जैसे कारणों से एक-एक कर लोगों को निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार प्रत्येक वारदात के पीछे आरोपी की व्यक्तिगत दुश्मनी और मानसिक कुंठा प्रमुख कारण रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सात शवों का उत्खनन कराया और उन्हें पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक परीक्षण के लिए रायपुर भेजा। एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।

पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रत्येक मौत के बाद पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा दिखाई देता था। वह अस्पताल ले जाने से लेकर अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं तक में शामिल रहता था, जिससे उस पर किसी को संदेह न हो। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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