मुंबई , मार्च 23 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि अशोक खरात मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

श्री फडणवीस ने इस मामले को "अत्यंत गंभीर" बताते हुए कहा कि आरोपी अशोक खरात ने कथित तौर पर "अलौकिक शक्तियों" के दावों का दुरुपयोग करके कई महिलाओं का शोषण किया और उनके खिलाफ गंभीर अपराध किए। उन्होंने जोर दिया कि आरोपों की प्रकृति इस मामले को बेहद चिंताजनक बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस पिछले कुछ समय से इस मामले पर काम कर रही थी और जांच के हिस्से के रूप में एक रणनीतिक जाल बिछाया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि आरोपी को देश छोड़ने से रोकने के लिए एक अन्य जिले में दर्ज शिकायत के आधार पर 10 मार्च को ही 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) जारी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशील प्रकृति के कारण कई पीड़ित शुरुआत में सामने आने में हिचकिचा रहे थे, लेकिन पुलिस के सहयोग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, जिसके बाद औपचारिक शिकायतें दर्ज की गईं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की कि वह बिना सोचे-समझे किसी को "क्लीन चिट" नहीं देते, बल्कि केवल उन्हें देते हैं जो वास्तव में निर्दोष हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जांच के दौरान जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे उचित परिणाम भुगतने होंगे।

मामले की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए श्री फडणवीस ने घोषणा की कि वे 24 मार्च को सदन में एक विस्तृत आधिकारिक बयान प्रस्तुत करेंगे, जिससे मामले और सरकार की कार्रवाई पर और अधिक स्पष्टता प्राप्त होगी।

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