बेंगलुरु , मई 20 -- कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर बुधवार को कयासों का बाजार फिर गर्म हो गया, जब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दल के भीतर बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ चर्चा की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद श्री खरगे ने श्री सिद्दारमैया, श्री शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु तक का सफर किया।
इसके बाद नेताओं ने कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज के आवास पर बैठक की, जिससे राज्य में नये सिरे से राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गयी।
कयासों का यह नया दौर मई 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही श्री सिद्दारमैया और श्री शिवकुमार के बीच सत्ता की संभावित साझेदारी की लगातार आ रही खबरों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में श्री शिवकुमार के समर्थकों ने नेतृत्व के मुद्दे पर स्थिति साफ करने की मांग को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी तेज कर दी है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान पर इस मामले को सुलझाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इन चर्चाओं को हवा देते हुए मंगलवार को बेंगलुरु में श्री सिद्दारमैया के करीबी माने जाने वाले मंत्रियों ने कथित तौर पर नाश्ते पर बैठक की, जिसने संभावित राजनीतिक फेरबदल और कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और तेज कर दिया।
इससे पहले श्री खरगे ने नेतृत्व के विवाद को कमतर आंकने की कोशिश करते हुए कहा था कि कर्नाटक में 'फिलहाल कोई बदलाव नहीं' होगा और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भी फैसला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरे के बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाएगा।
कांग्रेस आलाकमान और राज्य के नेताओं ने आधिकारिक तौर पर किसी नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा नहीं की है और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी लगातार यही दावा कर रहे हैं कि सरकार पूरी तरह स्थिर है।
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