दंतेवाड़ा , दिसंबर 12 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खनिज विभाग और जिला व्यापार उद्योग केन्द्र की विस्तृत समीक्षा बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा से हुई, जिसमें बैंक शाखाओं द्वारा स्वीकृत, वितरित और लंबित आवेदनों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

जिला जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्थानीय ग्रामीण समुदाय की रुचि के अनुरूप उन्हें उचित व्यवसायों से जोड़ा जाए और उनके बैंक-प्रेषित ऋण प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आ रही है तो बैंक अधिकारियों और आवेदकों की संयुक्त बैठक आयोजित कर समाधान निकाला जाए।

उद्योग विभाग को निर्देशित किया गया कि अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को क्लस्टर आधारित व्यवसायों-जैसे फोटोकॉपी, सैलून, किराना दुकान, च्वाइस सेंटर आदि-से जोड़ने के लिए प्रकरण स्वीकृत किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर व्यवसायिक माहौल विकसित हो सके। साथ ही ग्राम पंचायतों में उद्योग आधारित शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को व्यवसाय संबंधी जानकारी और प्रकरण निर्माण में सहायता देने पर विशेष जोर दिया गया।

खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खनिज राजस्व लक्ष्य, रेत खदानों के टेंडर तथा गौण खनिजों के परिवहन की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विभाग द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में जिला खनिज अधिकारी छबिलेश्वर मौर्य, महाप्रबंधक उद्योग मितवा बड़ा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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