कांकेर , अप्रैल 24 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत आरीडोंगरी लौह अयस्क खदान में मलबा धंसने की घटना के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। खदान से निकले मलबे का बड़ा हिस्सा गांव की ओर गिरने से करीब 23 मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों को बेघर होना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 और 11 अप्रैल की रात खदान क्षेत्र में यह हादसा हुआ। लंबे समय से खदान से निकलने वाले मलबे को एक ही स्थान पर जमा किया जा रहा था, जो धीरे-धीरे पहाड़ का रूप ले चुका था। इसी मलबे का हिस्सा अचानक धंसकर गांव की ओर आ गया और कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के बाद प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावितों को अस्थायी रूप से किराए के मकानों में शिफ्ट किया गया है, जिसका खर्च खदान प्रबंधन द्वारा वहन किया जा रहा है।
इसी बीच कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने आज ग्राम दफाईपारा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों एवं माइंस प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई।
सांसद ने निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
माइंस प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि सभी 23 प्रभावित परिवारों को नए मकान बनाकर दिए जाएंगे तथा तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी।
फिलहाल प्रशासन एवं खदान प्रबंधन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटे हुए हैं। हालांकि, इस घटना ने खदान क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और मलबा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित