ऊधमसिंह नगर , मई 21 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृहनगर खटीमा में संभावित बाढ़ और भू-कटाव को लेकर ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को नेपाल सीमा से लगे मेलाघाट क्षेत्र का दौरा कर जगबूढ़ा नदी में हो रहे कटाव का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान श्री सुमन ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां बाढ़ सुरक्षा कार्य अत्यंत आवश्यक हैं, वहां तत्काल कार्य शुरू कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर नए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि बजट उपलब्ध होते ही कार्य कराए जा सकें।
सचिव ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं और कटाव की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद लोहियाहेड कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य चल रहे हैं, उन्हें वर्षाकाल शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। साथ ही संभावित आपदा को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने बताया कि नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी से एसएसबी चौकी और मेलाघाट-सिसैया क्षेत्र को खतरा बना हुआ है, जिसके लिए सुरक्षा कार्य जरूरी हैं। इसके अलावा मोहम्मदपुर भुड़िया गांव को देवहा नदी के कटाव से बचाने के लिए भी बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं।
इस पर आपदा सचिव सुमन ने कहा कि छोटे लेकिन जरूरी बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को आगामी वर्षाकाल को देखते हुए पूरी तैयारी रखने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण और बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन कुमार, मनोज साही, रनदीप पोखरिया, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अधीक्षण अभियंता पी.के. दीक्षित, अधिशासी अभियंता आनंद सिंह नेगी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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