नयी दिल्ली , अप्रैल 04 -- विश्व की काल-धुरी और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'महाकाल:द मास्टर ऑफ द टाइम' में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
खगोल विज्ञान और आधुनिक भौतिकी के इस महाकुंभ में जयपुर परिसर के 'कल्याण दल' ने अखिल भारतीय खगोलीय यंत्र निर्माण प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान (रजत पदक) प्राप्त कर 50,000 रुपये की पुरस्कार राशि जीती। शास्त्र और विज्ञान का समन्वय प्रो. विजेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में ऋचा पण्डित, वेदांश दीक्षित, ओङ्कार शर्मा और देवेश जैमन के दल ने प्राचीन शास्त्रों के आधार पर सटीक तकनीकी यंत्र निर्मित किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा इस प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय प्रौद्याेगिकी संस्थान के विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने विजेता दल को बधाई देते हुए ऐतरेय एवं मैत्रेय ब्राह्मण के साक्ष्यों के माध्यम से भारतीय काल-गणना की वैज्ञानिकता सिद्ध की। संगोष्ठी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 करोड़ रुपये के नवनिर्मित विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने उज्जैन को पुनः वैश्विक समय गणना का मानक केंद्र बनाने पर जोर दिया।
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