मैड्रिड , अक्टूबर 30 -- स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्वीकार किया है कि गत बुधवार को हुई ट्रेन दुर्घटना के बाद देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पर लोगों का भरोसा डगमगा गया है।
इस हादसे में कम से कम 69 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके चलते रेलवे सुरक्षा की कड़ी जांच की मांग उठ रही है और राजनीतिक जवाबदेही तय करने की बात कही जा रही है।
श्री सांचेज़ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार पीड़ितों के परिवारों को जल्द से जल्द जानकारी देने के लिए काम कर रही है। मृतकों में कम से कम 23 विदेशी देशों के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस साल स्पेन में हुए इस दूसरे घातक ट्रेन हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी।
यह हादसा गुत बुधवार सुबह नौ बजे से कुछ समय पहले हुआ। हादसे के समय मैड्रिड से अंडालूसिया की ओर जा रही एक निजी 'इरियो' ट्रेन और सरकारी 'रेनफे' ट्रेन के बीच टक्कर हो गयी। 'इरियो' ट्रेन के रुकने के बाद, पीछे से आ रही 'रेनफे' ट्रेन उससे टकरा गयी, जिससे कैस्टिला-ला मांचा के उर्डा के पास कई डिब्बे पटरी से उतर गए।
यह हादसा अंडालूसिया के एडमुज़ के पास 'रेनफे' और 'इरियो' ट्रेनों की एक और टक्कर के नौ महीने बाद हुआ है, जिसमें 46 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए थे।
श्री सांचेज़ ने कहा, "स्पेन जैसे देश के लिए (जिसके पास इतना बेहतरीन हाई-स्पीड रेल सिस्टम है) एक ही साल में इस तरह के और इतने बड़े दो हादसे होना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।""हाई-स्पीड रेल सिस्टम पर जनता का भरोसा टूट गया है। सरकार की ज़िम्मेदारी सिर्फ हादसों के कारणों का पता लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे ऐसे समाधान भी देने होंगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में इस तरह की कोई बड़ी त्रासदी दोबारा न हो।"परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस्तीफ़े की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह पता लगाना है कि असल में क्या हुआ था और रेलवे प्रणाली में लोगों का भरोसा फिर से बहाल करना है।
उन्होंने कहा, "अभी मेरा काम यह सोचना नहीं है कि मैं अपने पद पर बना रहूंगा या नहीं, बल्कि मेरा काम समस्याओं को सुलझाना, यह स्पष्ट करना कि क्या हुआ था, और लोगों को सही जानकारी देना है।"उन्होंने कहा कि जांच में अगर संगठन या नियंत्रण प्रणाली में कोई कमी पायी जाती है, तो उसे ठीक किया जाएगा और जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने एक बार फिर सरकारी अवसंरचना संचालक 'एडिफ' के मैड्रिड नियंत्रण कक्ष की ओर इशारा किया, जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हो सकता है। उन्होंने बताया कि टक्कर से पहले एलजेडबी सिग्नलिंग प्रणाली विफल हो गयी थी। यह प्रणाली तब ट्रेनों को अपने आप रोक देता है जब आगे का ट्रैक खाली नहीं होता। हालांकि, इस तरह की तकनीकी खराबी कोई नयी बात नहीं है। जब यह प्रणाली काम नहीं करती है, तो ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी इंसानी संचालकों पर आ जाती है।
पुएंटे ने बताया कि 'एडिफ' के एक ऑपरेटर ने 'रेनफे' ट्रेन को सामान्य गति से आगे बढ़ने का निर्देश दिया था। जबकि सुरक्षा नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में ट्रेन की गति 40 किमी/घंटा (25 मील/घंटा) तक सीमित होनी चाहिए थी, ताकि चालक आगे आने वाले संभावित खतरों को देख सकें। गुरुवार को जारी एक शुरुआती जांच रिपोर्ट से पता चला है कि 'रेनफे' ट्रेन 160 किमी/घंटा से 200 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी, तभी वह 'इरियो' ट्रेन से टकरा गयी। रिपोर्ट में कहा गया है, "तकनीकी खराबी, गलत निर्देशों और कुछ कार्यों के एक के बाद एक होने से यह टक्कर हुई, क्योंकि उस समय सुरक्षा के लिए जरूरी बचाव उपाय मौजूद नहीं थे।" श्री पुएंटे ने बताया कि वह संचालक 48 साल का है, जिसे हाल ही में प्रशिक्षण मिला था और उसे नियंत्रण कक्ष में काम करने का दो साल का अनुभव है।
मंत्री के अनुसार, वह फरवरी से ही इस इलाके की जिम्मेदारी संभाल रहा था और इस सेक्टर से अच्छी तरह वाकिफ था। रेलवे यूनियनों ने सरकार के इस दावे को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि काम का अत्यधिक बोझ और कर्मचारियों की कमी के कारण सिस्टम को सुरक्षित तरीके से चलाना मुश्किल होता जा रहा है। रेलवे ट्रैफिक कंट्रोलर्स यूनियन 'एससीएफ ' की प्रवक्ता राकेल आयलोन ने 'एसोसिएटेड प्रेस' से कहा, "हमें लगता है कि मंत्री एक ऐसे कर्मचारी को दोष दे रहे हैं, जो पहले से ही बहुत खराब हालात में काम कर रहा था।" उन्होंने कहा, "इंसानी गलती होना कोई अजीब बात नहीं है, लेकिन जो बात समझ से परे है, वह यह है कि सुरक्षा सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है।" इस हादसे ने अगले महीने होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले सांचेज़ की अल्पमत सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ा दिया है।
श्री अल्बर्टो नुनेज़ फीजो के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव 'पीपल्स पार्टी' (पीपी) ने श्री पुएंटे के इस्तीफे की मांग की है। पीपी ने कहा है कि इन दो हादसों के लिए परिवहन मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ही राजनीतिक रूप से जिम्मेदार हैं।
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