नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- केंद्र सरकार के उपक्रमों के स्थायी मंच स्कोप ने पारिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर शोध एवं परामर्श सेवाएं देने वाले संगठन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आईआईएसडी) के साथ सहयोग संबंधी एक करार किया है।
स्कोप की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक इस करार पर स्कोप के महानिदेशक अतुल सोबती और आईआईएसडी की सहायक उपाध्यक्ष (स्वस्थ विकास) ऐनी हैमिल ने एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के प्रयास में सहयोग और जानकारी के आदन प्रदान के माध्यम से योगदान करने के प्रति स्कोप और आईआईएसडी की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वर्ष 1990 में स्थापित आईआईएसडी के मुख्य केंद्र कनाडा और जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हैं और यह 100 से अधिक देशों में काम करता है। यह स्वतंत्र, गैर-लाभकारी शोध एवं परामर्श संस्थान जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर नीतियां तैयार करता है और महत्वपूर्ण शोध प्रकाशित करता है।
इसके तहत दोनों संस्थाएं रणनीतिक संवाद को बढ़ावा देने और अनुसंधान एवं जानकारी के आदान-प्रदान तथा नवीकरणीय ऊर्जा ,पर्यावरण, सामाजिक एवं सुशासन , हरित परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के क्षेत्र में परस्पर सहयोग करेंगी ।
इस समझौते में वित्तपोषण के अवसरों को प्रोत्साहित करने, सतत विकास-केंद्रित प्रशिक्षण एवं शिक्षण पहल को बढ़ावा देने, व्यावहारिक समाधान विकसित करने, विशेषज्ञता के ऐसे स्रोतों का उपयोग करने में सहयोग का प्रावधान है जो संस्थानों को स्वस्थ विकास और कार्बन उत्सर्जन के समाधान से संबंधित प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने में सहायता करें।
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