हैदराबाद , सितंबर 18 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को क्षेत्र-विशिष्ट कृषि योजनाएं बनाने तथा केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि राज्यों में विविध भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए पूरे देश के लिए एक समान कृषि रणनीति बनाना व्यावहारिक नहीं है।

श्री चौहान ने यहां आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्र, मिट्टी की स्थिति, पानी की उपलब्धता और संसाधन हैं, जिसके लिए उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार कृषि रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "एक स्थान पर एक दिन बैठकर पूरे देश के लिए रबी या खरीफ की साझी योजना बनाना संभव नहीं है।"* उन्होंने बताया कि रबी सम्मेलन को एक दिन से बढ़ाकर दो दिन का कर दिया गया है ताकि राज्यों को अपनी चिंताओं, चुनौतियों और सुझावों को प्रस्तुत करने का अधिक अवसर मिल सके और केंद्र व राज्य मिलकर एक संयुक्त कृषि रोडमैप तैयार कर सकें।

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