पटना , अक्टूबर 4 -- पटना के जिलाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार ने कहा कि बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र आवागमन योग्य बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सड़क मरम्मती कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्री कुमार ने सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को मरम्मती कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती मिशन मोड में जारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की पटना जिले में आने वाली 145 किलोमीटर सड़क में 130 स्थानों पर छोटे-छोटे गड्ढे चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 100 स्थानों पर मरम्मती पूरी कर ली गई है। शेष 30 स्थानों पर काम तेजी से चल रहा है।
ग्रामीण कार्य विभाग के विभिन्न प्रमंडलों में भी मरम्मती कार्य प्रगति पर है। बाढ़ प्रमंडल में 166 चिह्नित स्थलों में से पांच स्थानों पर 1.60 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूरी हुई है। पटना पश्चिमी प्रमंडल में 96 में से 43 स्थानों पर काम पूरा किया गया है। इसके अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त पांच सड़कों, जिनकी कुल लंबाई करीब 4.9 किलोमीटर है, को दोबारा आवागमन योग्य बनाया जा रहा है।
पालीगंज प्रमंडल में 73 चिह्नित स्थलों में से छह स्थानों पर दो किलोमीटर से अधिक सड़क की मरम्मती पूरी हुई है। दानापुर प्रमंडल के दोनों चिह्नित स्थलों पर काम पूरा कर लिया गया है, जबकि मसौढ़ी प्रमंडल में 11 में से छह स्थानों पर मरम्मती पूरी हो चुकी है।
पथ निर्माण विभाग के न्यू कैपिटल पथ प्रमंडल में 355 चिह्नित स्थलों में से 72 पर मरम्मती पूरी की गई है। पटना पश्चिमी पथ प्रमंडल में 129 में से आठ स्थानों पर करीब सात किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूरी हुई है। पटना सिटी पथ प्रमंडल के सभी चार चिह्नित स्थलों पर लगभग 1.5 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूरी कर ली गई है।
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