वाशिंगटन , मई 28 -- अमेरिका के अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इस संभावना को लेकर तैयारी कर रहा है कि क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को इस गर्मी की शुरुआत में ही एक बड़े संकट या संभावित पतन का सामना करना पड़ सकता है।
'एक्सियोस' समाचार वेबसाइट से बात करते हुए अधिकारियों ने कहा कि व्हाइट हाउस ने क्यूबा में जारी अशांति के नियंत्रण से बाहर होने की स्थिति से निपटने के लिए पहले ही सैन्य योजना तैयार कर ली है। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी सैन्य कार्रवाई को मंजूरी नहीं दी गयी है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीधे सैन्य हस्तक्षेप के बजाय एक नियंत्रित राजनीतिक बदलाव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने क्यूबा के प्रति व्हाइट हाउस की रणनीति को 'दबाव तेज करने की नीति' बताया और कहा कि अमेरिका जानबूझकर कदम-दर-कदम इस द्वीपीय राष्ट्र पर आर्थिक शिकंजा कस रहा है। अधिकारी ने कहा, "हम शासन को अभी पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहते। इसका एक तरीका है, जो चरणों में चल रहा है।"यह अभियान मुख्य रूप से आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और क्यूबा की सेना से जुड़े व्यावसायिक समूह 'गाएसा' को अलग-थलग करने पर केंद्रित है, जो इस द्वीप की अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को हटाये जाने के बाद से क्यूबा की आंतरिक स्थिति काफी खराब हो गयी है। श्री मादुरो के हटने से वेनेजुएला से मिलने वाले रियायती तेल की आपूर्ति बंद हो गयी, जिसने लंबे समय तक क्यूबा की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया था।
प्रशासन के भीतर अधिकारी इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि यदि भोजन, ईंधन और बिजली की भारी किल्लत के कारण गर्मियों के महीनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होते हैं, तो अमेरिका को कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने कैरिबियन में सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाले 'यूएस सदर्न कमांड' ने क्यूबा की स्थिति पर एक बहु-एजेंसी रणनीतिक अभ्यास का आयोजन किया था। अधिकारी ने कहा, " हर विकल्प पर विचार किया जा रहा है, लेकिन किसी हमले की योजना नहीं है और न ही यह निकट है। जब राष्ट्रपति आदेश देंगे, हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।"चर्चा में शामिल एक सूत्र ने कहा कि अधिकारी विशेष रूप से इस बात को लेकर चिंतित हैं कि प्रदर्शनों का सामना सरकार द्वारा हिंसक दमन से किया जा सकता है। सूत्र ने कहा, " गर्मियों में बिजली न होने और बिना फ्रिज के खाना खराब होने से लोग गुस्सा होकर सड़कों पर उतर सकते हैं।"एक अन्य सलाहकार ने किसी भी लंबे सैन्य संघर्ष के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि श्री ट्रंप नहीं चाहते कि अमेरिकी सेना 48 घंटे से अधिक समय तक वहां जमीन पर रहे।
वेनेजुएला पर दबाव अभियान इस महीने की शुरुआत में तब और तेज हो गया जब श्री ट्रंप ने उन कंपनियों को निशाना बनाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किये जो क्यूबा 'गाएसा' के साथ व्यापार करती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, शिपिंग और खनन कंपनियों सहित कई अंतरराष्ट्रीय फर्मों ने क्यूबा से जुड़े अपने कामकाज को पहले ही रोक दिया है।
ट्रंप प्रशासन की क्यूबा नीति के प्रमुख सूत्रधार विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सार्वजनिक रूप से इस व्यावसायिक समूह पर क्यूबा के संभ्रांत वर्ग को अमीर बनाने का आरोप लगाया है, जबकि वहां के आम नागरिकों को लगातार किल्लत और बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा के सत्ताधारी नेताओं के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाये हैं, जिसमें वर्ष 1996 के 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' विमान को मार गिराने के मामले में पूर्व नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ हत्या का अभियोग पत्र जारी करना शामिल है।
इन सख्त कदमों के बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि यह नीति पूरी तरह से दंडात्मक नहीं है। अमेरिका ने हाल ही में 10 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है, जिसे क्यूबा सरकार के बजाय कैथोलिक चर्च और सामाजिक कल्याण संगठनों के माध्यम से वहां के आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
दूसरी ओर, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला ने अमेरिका पर सैन्य हस्तक्षेप और देश को अस्थिर करने के लिए एक झूठा विमर्श गढ़ने का आरोप लगाया है।
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