चेन्नई , जून 07 -- द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्य सरकार के स्थायित्व पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सरकार तीन महीने भी नहीं टिक पाएगी।
विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार और शहर में अपने गढ़ कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में खुद की पराजय से अभी तक उबर नहीं पाए श्री स्टालिन ने रविवार को मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या विजय की सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) तीन महीने भी टिक पाएगी। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, जिसके बारे में मैंने पहले कहा था कि मैं छह महीने तक कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।"यहां आयोजित एक कार्यक्रम में विदुथलाई चिरुथिगल कात्ची (वीसीके) के वरिष्ठ नेता एवं चेय्युर के पूर्व विधायक पनायूर बाबू ने श्री स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी छोड़कर द्रमुक का दामन थाम लिया। श्री बाबू द्रमुक की पूर्व सहयोगी पार्टी वीसीके के मीडिया विंग के प्रधान सचिव थे। गौरतलब है कि वीसीके टीवीके सरकार पर शामिल और उसके दो विधायकों में एक मंत्री है।
श्री स्टालिन ने एक बार फिर कहा कि टीवीके सरकार द्रमुक के समर्थन से चल रही है। उन्होंने यह बात विजय सरकार के सत्ता संभालने के समय कही थी, क्योंकि कांग्रेस, वीसीके , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) , मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) जैसे द्रमुक की सहयोगी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनी है और विधानसभा में विश्वास मत जीता है। उस समय भी श्री स्टालिन ने कहा था कि वह छह महीने तक इस सरकार के बारे में कोई बात नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि एक डर बना हुआ है कि क्या ऐसी स्थिति आएगी जब वह छह महीने से पहले ही इस बारे में बात करना चाहेंगे। वह स्थिति आ गई है। कई लोग इस बारे में बात कर रहे हैं। आलोचनाएं हो रही हैं और सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सरकार कम से कम तीन महीने भी टिक पाएगी।
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