कौशांबी , अक्टूबर 28 -- कौशांबी जिले की एक अदालत ने बुधवार को हत्या के एक 17 वर्ष पुराने मामले में पत्नी सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है। अभियोजन के अनुसार 24 जून 2009 को वादी बिहारी निवासी ग्राम भेलखा थाना मंझनपुर द्वारा थाना पश्चिम शरीरा में सूचना दर्ज कराई गई कि उसके पुत्र शिवलाल ने ससुरारीजनों की प्रताड़ना के चलते जहर निगल लिया जिसमें उसकी मृत्यु हो गयी।

पुलिस ने इस मामले में पत्नी सविता सास मैंकीव साला फूलचंद के विरुद्ध भादवि की धारा 302 के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया जिसकी सुनवाई एडीजे एफटीसी द्वितीय की अदालत में शुरू हुई। उभय पक्ष के तर्कों को सुनने एवं पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के उपरांत अदालत ने हत्या के इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी पाया। जिस पर जज पूर्णिमा प्रांजल ने बुधवार को सभी को आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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