कौशांबी , अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को विभिन्न स्थानों पर भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम, सभाएं और भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं।

सराय अकिल नगर पंचायत के करन चौराहा क्षेत्र में भगवान परशुराम जयंती पर विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के तप, पराक्रम और शौर्य का स्मरण किया।

वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख माह की अक्षय तृतीया को त्रेता युग में हुआ था और वे आज भी अक्षय हैं। सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलयुग तक उनकी महिमा बनी हुई है। वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और सदैव शक्ति प्रदान करते रहेंगे।

सभा के बाद डीजे की धुन और धार्मिक गीतों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में भगवान परशुराम के चित्र लेकर जयकारे लगा रहे थे। पूरा क्षेत्र "जय परशुराम" के नारों से गूंज उठा। कुछ श्रद्धालु तलवार और परशु लेकर आकर्षण का केंद्र बने रहे।

इसी प्रकार मंझनपुर जिला मुख्यालय में ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सोमनाथ मिश्रा के नेतृत्व में ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान परशुराम जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। आयोजकों ने कहा कि परशुराम जयंती के माध्यम से समाज में एकता, संगठन और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया गया।

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