नयी दिल्ली , अक्टूबर 09 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय प्रबंधन संस्थानों से कम नहीं है।
श्री मोदी ने शुक्रवार को यहां प्रधानमंत्री आवास पर शंघाई में आयोजित 'वर्ल्डस्किल्स' प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों से बातचीत की। उन्होंने युवाओं से लगातार नये कौशल सीखने, बदलती तकनीक के अनुरूप अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने और अपने अनुभवों से देश की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।
बातचीत में प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किये। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्हें नये औजारों, सॉफ्टवेयर, तकनीकी प्रणालियों और काम करने के नये तरीकों को अपनाने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बधाई दी और उन्हें कौशल विकास का दूत बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक कौशल भी शैक्षणिक डिग्रियों जितने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच युवाओं को नये कौशल सीखने, अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने और नयी तकनीकों के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत है।
श्री मोदी ने युवाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करने और अपने अनुभवों तथा सुझावों के जरिए देश की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत को कुशल मानव संसाधन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
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