नयी दिल्ली , अक्टूबर 07 -- भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को इस दावे को खारिज कर दिया कि क्रिकेटर को वृंदावन में आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे, और इसे "पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत" बताया।

यह दावा दिनेश शर्मा, जिन्हें 'फलाहारी महाराज' के नाम से जाना जाता है, के नाम से सोशल मीडिया पर फैल गया और कोहली के आध्यात्मिक गुरु से मिलने के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं।

कोहली के प्रवक्ता के एक बयान में कहा गया, "हम साफ तौर पर कहना चाहेंगे कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के विराट कोहली के बारे में किए गए दावे पूरी तरह झूठे, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। ऐसे बयानों को रिपोर्ट करने या बढ़ा-चढ़ाकर बताने से पहले तथ्यों की जांच करें और जिम्मेदारी से रिपोर्ट करें।"यह आरोप जनवरी 2023 में कोहली के प्रेमानंद महाराज के वृंदावन आश्रम के पहले दौरे से जुड़ा है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के प्रेसिडेंट शर्मा के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दावे का ज़िक्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे एक लेटर में किया गया था। इसमें आरोप है कि एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक प्राइवेट कंपनी ने कोहली के दौरे को आसान बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए, ताकि कथित तौर पर आध्यात्मिक गुरु को पूर्व भारतीय कप्तान के साथ जोड़कर उनकी विज़िबिलिटी बढ़ाई जा सके।

इस आरोप को सपोर्ट करने के लिए कोई पब्लिकली उपलब्ध डॉक्यूमेंट्री सबूत सामने नहीं आया है। कोई वेरिफाइड कॉन्ट्रैक्ट, इनवॉइस, बैंक ट्रांज़ैक्शन, पेमेंट रिकॉर्ड या ऑफिशियल कम्युनिकेशन नहीं है जो दिखाता हो कि कोहली को इस दौरे के लिए 5 करोड़ रुपये मिले थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित