कोलकाता , मई 04 -- कोलकाता के विभिन्न हिस्सों और उससे सटे निर्वाचन क्षेत्रों से एक मिला-जुला राजनीतिक मिजाज देखने को मिल रहा है, जहाँ निवासी चुनावी परिणामों को लेकर अलग-अलग उम्मीदें जता रहे हैं।
सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना जारी है और दोपहर तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए एक मजबूत बढ़त बना ली है। सुबह से दोपहर करीब 02:30 बजे तक के रुझानों के अनुसार, भाजपा 191 से अधिक सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 96 से भी कम निर्वाचन क्षेत्रों में आगे थी।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए साधारण बहुमत यानी 148 सीटों की आवश्यकता होती है। किसी भी दल या गठबंधन को चुनाव जीतने के लिए इस जादुई आंकड़े को हासिल करना अनिवार्य है।
इस बार एग्जिट पोल किसी स्पष्ट विजेता का अनुमान लगाने में विफल रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने बंगाल में गहरी पैठ बनाते हुए 77 सीटें हासिल की थीं और पहली बार राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बनी थी।
राज्यव्यापी तस्वीर भाजपा के पक्ष में झुकने के बावजूद, जमीनी स्तर पर प्रतिक्रियाएं अधिक सूक्ष्म रहीं। कोलकाता पोर्ट के 63 वर्षीय निवासी स्वपन रॉय ने कहा कि बंगाल में भाजपा स्पष्ट रूप से अच्छे अंतर से जीतेगी, लेकिन हमारे क्षेत्र में फिरहाद हकीम (तृणमूल कांग्रेस) ही आगे रहेंगे।
डायमंड हार्बर में 26 वर्षीय राखी सानफूई ने भाजपा के पक्ष में चल रहे व्यापक रुझान का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तृणमूल कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर कुछ विकास कार्य किए हैं, लेकिन उन्हें लगा कि व्यापक चुनावी मुकाबले में सत्ताधारी दल अपनी पकड़ खो चुका है।
उलुबेरिया पूर्व के 29 वर्ग के अरिजीत पात्रा ने अपने क्षेत्र को लेकर एक संतुलित दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि हमारे इलाके में तृणमूल कांग्रेस की जीत की 60-40 संभावना है, क्योंकि यहाँ मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है।
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