कोलकाता , अक्टूबर 12 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि दिसंबर तक कोलकाता पुलिस में 4,000 कर्मियों की भर्ती की जायेगी।

श्री अधिकारी ने कहा कि पुलिस भर्ती बोर्ड नवंबर में 9,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करेगा। इसके अलावा लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से समूह-सी के 650 लिपिक पदों पर भी भर्ती की जायेगी। उन्होंने ये घोषणाएं यहां के नेताजी इंडोर स्टेडियम में नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद की।

उन्होंने कहा, "अगले दो वर्षों में राज्य पुलिस बल में कर्मियों की संख्या उत्तर प्रदेश पुलिस बल से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने महंगाई भत्ते (डीए), सातवें वेतन आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी बात की।

श्री अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के प्रशासनिक फैसलों और भर्ती से जुड़ी कानूनी अड़चनों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बदलने के बाद ही ये नियुक्तियां संभव हो सकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची को लेकर कानूनी अड़चनें पैदा की थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार ने लंबित मामलों को सुलझाने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उच्चतम न्यायालय के माध्यम से कानूनी रास्ता निकाला है।" नागरिक स्वयंसेवकों के संबंध में उन्होंने कहा कि पुलिस थानों का संचालन नागरिक स्वयंसेवकों के भरोसे छोड़ने के बजाय वहां उचित प्रशिक्षण प्राप्त कांस्टेबलों की तैनाती होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की नागरिक स्वयंसेवकों से कोई दुश्मनी नहीं है और उनके वेतन में पहले ही 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी अनियमितता के पूरी की जाएगी।

इससे पहले, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में संविदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर भर्ती किये जाने के कारण आज सरकारी विभागों में नियमित पदों की भारी कमी हो गयी है।

श्री अग्रवाल ने कहा, "पिछली सरकार के कार्यकाल में हमने लगभग हर सरकारी नौकरी में बिना किसी ठोस योजना के संविदा कर्मचारियों की भर्ती होते देखी। उन कर्मचारियों को खुद भी यह भरोसा नहीं था कि अगली सुबह उनकी नौकरी बनी रहेगी या नहीं। स्वाभाविक रूप से, ऐसे संविदा कर्मचारियों में अपने काम के प्रति लंबे समय तक प्रतिबद्धता की भावना का अभाव था।"राज्य सरकार के कर्मचारियों की महंगाई भत्ते (डीए) के बकाया को लेकर चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को दिये जाने वाले महंगाई भत्ते के बीच 42 प्रतिशत अंकों का अंतर था। उनके अनुसार, राज्य की मौजूदा सरकार इस अंतर के 20 प्रतिशत अंकों का भुगतान पहले ही कर चुकी है और कर्मचारियों को जल्द ही 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने लगेगा।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सातवें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट मिलते ही उसकी सिफारिशों को जल्द लागू किया जायेगा।

सरकारी कर्मचारियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जायेगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में देरी और अन्य प्रशासनिक फैसलों से प्रभावित लोगों की शिकायतों का समाधान करने का भी भरोसा दिलाया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित