कोलकाता , जून 15 -- पश्चिम बंगाल की नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) अचानक राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं के केंद्र में आ गई है।

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) संसदीय पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सदस्य इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

इन अटकलों के चलते सोमवार को हावड़ा जिले के संकरैल के बानीपुर में पार्टी के पंजीकृत कार्यालय में पहली बार हलचल देखने को मिली। इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती देखी गई क्योंकि जगह के पास बड़ी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को व्यवस्था बनाए रखने को कड़े इंतजामात करने पड़े। इस घटना ने पार्टी के कुछ संस्थापक सदस्यों को भी हैरान कर दिया है।

एनसीपीआई के संस्थापक सदस्यों में एक श्री शांतनु डे ने कहा कि उन्हें टीएमसी सांसदों के शामिल होने का पता सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए चला। उन्होंने कहा, "मैंने पार्टी का नाम सुझाया था। मुझे रविवार को पता चला कि टीएमसी के कई सांसद पार्टी में शामिल हो गए हैं। मैंने अभी तक उनमें से किसी से बातचीत नहीं की है, हालांकि मुझे उम्मीद है कि वे हमसे संपर्क करेंगे।"श्री डे ने दावा किया कि एक और संस्थापक उत्तिया कुंडू ने उनसे इस मामले पर चर्चा नहीं की थी और यह अभी भी पक्का नहीं है कि पार्टी में कौन और किन हालात में शामिल हुआ है। इसी तरह का भ्रम त्रिपुरा के एनसीपीआई नेता और टीएमसी के पूर्व कार्यकर्ता जहांगीर अली के बयानों में भी दिखा।

गौरतलब है कि श्री अली एनसीपीआई के टिकट पर कैलाशहर से 2023 का त्रिपुरा विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सुनी हैं कि लगभग 20 टीएमसी सांसद पार्टी में शामिल हो गए हैं लेकिन इसकी किसी ने कोई पुष्टि नहीं की। उन्होंने अधिवक्ता शेउली कुंडू को पार्टी की अध्यक्ष भी बताया।

एनसीपीआई का कार्यालय हाटगाचा-बनीपुर में 'जागो बिश्व' नाम की दो मंजिला ग्रीन बिल्डिंग में पंजीकृत है और अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। यह जगह 2022-23 में अस्तित्व में आई थी और 2023 के पंचायत चुनावों के दौरान राजनीतिक रूप से सक्रिय होने से पहले यहां एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का कार्यालय था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित