कोरबा, अप्रैल 17 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन विभाग की एक कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बालको वन परिक्षेत्र के सतरेंगा गांव में छह घरों से 359 नग कीमती चिरान जब्त किए जाने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जब्त लकड़ी वापस करने की मांग को लेकर आज डीएफओ कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, डीएफओ प्रेमलता यादव को सतरेंगा गांव में अवैध वनोपज भंडारण की सूचना मिली थी। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम गुरुवार सुबह सर्च वारंट के साथ गांव पहुंची और सरकारी शिक्षक जगतराम निर्मलकर, महेत्तर सिंह, घांसी राम, लच्छीराम व भगतराम सहित छह घरों की तलाशी ली। इस दौरान साल, बीजा, हल्दू समेत अन्य प्रजातियों की कुल 359 नग चिरान जब्त कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण डीएफओ कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों के भीतर निराकरण नहीं होने पर सतरेंगा रेस्ट हाउस मार्ग पर चक्काजाम और कार्यालय घेराव की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जंगल की सुरक्षा का जिम्मा वन प्रबंधन समिति पर छोड़ दिया गया है, जबकि वनकर्मी केवल औपचारिकता निभाने गांव आते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित