नयी दिल्ली , अक्टूबर 22 -- कोयले की ढुलाई के मामले में रेलवे ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस साल अक्टूबर महीने के 18 दिनों में यानी 18 अक्टूर तक गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रेलवे ने 22.5 प्रतिशत अधिक कोयले की ढुलाई की है।
रेलवे ने गुरुवार को बताया कि इस वर्ष इस अवधि में गत साल की तुलना में प्रतिदिन 87 अधिक कोयला रैक भेजे गये। यह देशभर के ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रेलवे की ओर से किए जा रहे लगातार प्रयासों को दर्शाता है।
रेलवे के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में रेलवे ने ताप बिजली संयंत्रों को प्रतिदिन औसतन 430 कोयला रैक भेजे। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है। कोयले की ढुलाई में यह तेजी सितंबर 2026 में भी दर्ज की गयी थी। इस साल सितंबर महीने में गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में प्रतिदिन भेजे जाने वाले कोयला रैक की संख्या में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
रेलवे ने बताया कि कोयले की ढुलाई में लगातार बनी यह तेजी ऊर्जा की बढ़ती खपत और कोयले से बिजली उत्पादन की बढ़ती मांग के बीच आयी है। देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश और औद्योगिक उत्पादन बढ़ने के कारण कोयले से बिजली बनाने की मांग में वृद्धि हुई है।
रेलवे के अनुसार कोयले की लगातार ढुलाई से ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार बनाये रखने में मदद मिली है। इससे देशभर में बिजली उत्पादन सुचारु रूप से जारी रखने में सहायता मिल रही है।
रेलवे ने कहा कि रेलवे कोयले की समय पर और कुशल ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए कोयला मंत्रालय के साथ निकट समन्वय में काम कर रहा है। इसके अलावा, कोयले की ढुलाई और आपूर्ति लगातार बनाए रखने के लिए बिजली मंत्रालय के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। इससे ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार बनाये रखने और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
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