नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- उच्चतम न्यायालय ने देशभर में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सोमवार को न्यायिक अधिकारी सुनेना शर्मा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आवेदन पर पारित किया। आवेदन में कहा गया था कि वर्तमान विशेष न्यायाधीश संजय भंसाल चार वर्ष से अधिक समय से इस पद पर कार्यरत हैं और अब उनके स्थान पर नयी नियुक्ति की आवश्यकता है।

न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने औपचारिक रूप से न्यायमूर्ति भंसाल को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया था और दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के तीन अधिकारियों के नाम एक सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचार के लिए रखे थे।

आवेदन स्वीकार करते हुए पीठ ने दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा की अधिकारी सुनेना शर्मा को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त करने का आदेश दिया। यह आदेश लंबे समय से चल रहे मनोहर लाल शर्मा बनाम प्रधान सचिव एवं अन्य मामले में पारित किया गया, जिसे आम तौर पर 'कोयला घोटाला' मामला कहा जाता है। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच की उच्चतम न्यायालय लगातार निगरानी करता रहा है।

पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय ने पूर्व विशेष न्यायाधीश को पद से मुक्त करने के अनुरोध को टाल दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरज मोर को अप्रैल 2025 में कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों से उत्पन्न मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) (सीबीआई) नियुक्त किया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित