कोण्डागांव , मई 29 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के ग्राम पंचायत कुम्हारपारा अंतर्गत कोपरा पारा में पेयजल संकट संबंधी समाचार के प्रकाशन के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और करीब दो वर्षों से बंद पड़े हैंडपंप की मरम्मत शुरू कर दी। ग्रामीणों ने हालांकि इसे स्थायी समाधान नहीं मानते हुए नए हैंडपंप की मांग दोहराई है।

ग्रामीणों के अनुसार जिस हैंडपंप की मरम्मत की जा रही है, वह पूर्व में भी बार-बार खराब होता रहा है। लगातार खराबी के कारण विभाग ने करीब दो वर्ष पहले उसे बंद कर दिया था। समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग द्वारा अचानक मरम्मत कार्य शुरू किए जाने पर ग्रामीणों ने इसे केवल अस्थायी व्यवस्था बताया।

ग्रामीणों का कहना है कि मोहल्ले में लगभग 35 से 40 परिवार निवास करते हैं और एकमात्र हैंडपंप पूरे क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। गर्मी के मौसम में हैंडपंप से सीमित मात्रा में पानी निकलता है, जिससे लोगों को पेयजल खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं अन्य घरेलू उपयोग के लिए अब भी नदी से पानी लाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि विभाग समय रहते समस्या के समाधान के लिए पहल करता तो उन्हें लंबे समय तक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। उनका कहना है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद ही विभागीय अमला गांव पहुंचा है।

इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता सी.एस. सोनवानी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के बाद जल टंकी का एक अतिरिक्त जल स्रोत डिस्कनेक्ट हो गया था, जिससे नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं तथा दोनों स्रोतों को जोड़कर जलापूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल पुराने हैंडपंप की मरम्मत कर उसे चालू किया जा रहा है तथा नए हैंडपंप स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर नल-जल योजना को भी सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा।

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