कोण्डागांव , मई 29 -- ) छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली के न्याय रक्षकों की निगरानी एवं सलाह समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय तथा विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली के न्याय रक्षक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य विधिक सहायता प्रणाली की प्रभावशीलता की समीक्षा करना, प्रचलित प्रकरणों की निगरानी करना तथा जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान विधिक सहायता प्राप्त करने की पात्रता, विधिक सहायता रक्षा परामर्शकार्यालय की भूमिका एवं दायित्वों के प्रभावी निर्वहन तथा विचाराधीन बंदियों के मामलों में प्राथमिकता के साथ पैरवी करने पर चर्चा की गई। साथ ही न्याय रक्षकों को प्रतिमाह जेल निरीक्षण कर बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अध्यक्ष ने न्याय रक्षकों से समयबद्ध एवं संवेदनशील तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि विधिक सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने न्याय रक्षकों को विधिक सहायता प्राप्तकर्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने तथा उन्हें शीघ्र न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहने के निर्देश भी दिए। बैठक में न्याय रक्षकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा ऐसी समीक्षात्मक बैठकों का नियमित आयोजन किए जाने पर बल दिया।

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