कोण्डागांव , अप्रैल 15 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव में आयोजित विचाराधीन कैदी समीक्षा समिति की बैठक में विचाराधीन बंदियों को राहत देने पर जो दिया गया। इस दौरान पात्र बंदियों को जमानत, रिहाई और अन्य वैधानिक लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गये।

जिला जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बुधवार को बताया कि बैठक में ऐसे बंदियों के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई जो लंबे समय से जेल में निरुद्ध हैं और जिनके प्रकरणों में त्वरित सुनवाई या विधिक सहायता की आवश्यकता है। समिति ने धारा 436ए दंड प्रक्रिया संहिता तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत पात्र बंदियों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया तेज करने पर बल दिया। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

उन्होंने बताया कि बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खिलावन राम रीगरी की अध्यक्षता में न्यास सदन भवन में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर कोंडागांव नुपूर राशि पन्ना, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, डिप्टी कलेक्टर नारायणपुर दुशयंत कृतिमान कौशले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंडागांव कपिल चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणपुर ऐश्वर्य चंद्राकर सहित जेल एवं विधिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों में विभागीय समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि इस प्रकार की समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, जिससे विचाराधीन बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित हो और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

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