कोण्डागांव , अप्रैल 24 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में नौ मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवारको प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में जिले के समस्त थाना प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चन्द्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक का उद्देश्य नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए रणनीति तैयार करना तथा न्यायपालिका और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके माध्यम से लंबित प्रकरणों का त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण निराकरण संभव है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिलता है।
उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे ऐसे लंबित मामलों की सूची तैयार करें, जिन्हें नेशनल लोक अदालत में निपटाया जा सकता है। साथ ही पुलिस विभाग की सक्रिय भागीदारी से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण पर जोर देने की बात कही।
बैठक में विशेष रूप से आबकारी अपराध, ट्रैफिक चालान, राजीनामा योग्य सामान्य अपराधों तथा छोटे धाराओं से संबंधित मामलों के अधिकाधिक निराकरण पर बल दिया गया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
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