रांची , जून 02 -- झारखंड के कोडरमा जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान परिसर में लगभग 102 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इंजीनियरिंग कॉलेज पिछले दो वर्षों से उद्घाटन और संचालन का इंतजार कर रहा है।
करीब 10 एकड़ भूमि पर बने इस अत्याधुनिक कॉलेज के शुरू नहीं होने से कोडरमा सहित आसपास के जिलों के प्रतिभावान एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं सस्ती तकनीकी शिक्षा से वंचित हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला वर्ष 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के प्रयासों से रखी गई थी। इसका उद्देश्य क्षेत्र के प्रतिभावान युवाओं को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना था। कॉलेज निर्माण की समय-सीमा वर्ष 2019 निर्धारित की गई थी, जबकि भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2020 के मध्य तक पूरा हो गया था।
कॉलेज भवन तैयार होने के बाद इसके संचालन की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार से इसे जल्द शुरू करने की मांग उठाई। इस बीच उस समय उम्मीद जगी जब अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 से पढ़ाई शुरू करने के लिए कॉलेज को मान्यता प्रदान कर दी। साथ ही सरकार की ओर से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पद सृजन की दिशा में भी पहल शुरू की गई थी।
तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री स्तर से स्वीकृति मिलने की भी जानकारी सामने आई थी।
हालांकि इसके बाद कॉलेज संचालन की प्रक्रिया अचानक ठप पड़ गई। बताया जाता है कि सरकार ने कॉलेज को सीधे सरकारी स्तर पर संचालित करने के बजाय किसी निजी संस्था के साथ एमओयू के आधार पर चलाने की योजना पर विचार शुरू कर दिया। इस निर्णय का स्थानीय विधायक डॉ. नीरा यादव ने विरोध किया और मांग की कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस संस्थान का संचालन सरकारी स्तर पर ही किया जाए, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को कम शुल्क में तकनीकी शिक्षा मिल सके।
सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में ओडिशा के एक निजी इंजीनियरिंग संस्थान के प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसर का दौरा कर यहां उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण किया है। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार कॉलेज संचालन की जिम्मेदारी किसी निजी संस्था को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इधर स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि यदि कॉलेज शीघ्र शुरू किया जाए तो कोडरमा समेत आसपास के जिलों के हजारों विद्यार्थियों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। फिलहाल करोड़ों की लागत से बना यह संस्थान उद्घाटन और संचालन की बाट जोह रहा है।
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