बैतूल , जुलाई 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल शहर के कोठीबाजार क्षेत्र में लगभग 53 लाख रुपये की लागत से बन रही ड्रेनेज परियोजना में निर्माण गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। मामले में स्वतंत्र तकनीकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में ड्रेनेज की साइड वॉल की मोटाई आठ इंच निर्धारित की गई थी, लेकिन निर्माण के दौरान कई स्थानों पर इसे चार, पांच और छह इंच ही रखा गया। उनका आरोप है कि इससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और सरकारी धन का समुचित उपयोग नहीं हुआ।

नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि ड्रेनेज की ऊंचाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रखी गई। डीपीआर में जहां इसकी ऊंचाई चार फीट तय की गई थी, वहीं कई स्थानों पर इसे लगभग तीन फीट अथवा उससे कम बनाया गया है। शिक्षा विभाग कार्यालय से लल्ली चौक तक बने हिस्से में यह अंतर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

आरोप है कि ठेकेदार ने लल्ली चौक तक का कार्य पूर्ण बताकर भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया, जिसके बाद नगर पालिका ने लगभग 16 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुगतान से पहले न तो स्थल का समुचित निरीक्षण किया गया और न ही माप-जोख कर निर्माण गुणवत्ता का सत्यापन किया गया।

स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराने, दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, शेष भुगतान पर रोक लगाने तथा निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर भुगतान की गई राशि की वसूली की मांग की है।

इस संबंध में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे तथा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनके पक्ष की प्रतीक्षा है।

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