बैतूल , अक्टूबर 18 -- राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार सुबह हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले बैतूल जिले के सात लोगों के शव रविवार को उनके गृह ग्राम पहुंचे। हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। गमगीन माहौल में विभिन्न गांवों में अंतिम संस्कार किए गए। इस दौरान पिता-पुत्री और पति-पत्नी की चिताएं एक साथ जलीं।

यह दुर्घटना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोटा के कराडिया टोल के पास हुई। भोपाल से खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जा रही यात्रियों से भरी टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे गिर गई। दुर्घटना में मध्यप्रदेश के आठ लोगों की मौत हुई, जिनमें सात बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के और एक भोपाल का निवासी था। 17 अन्य यात्री घायल हुए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि चालक को झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हुआ।

खेड़ी रामोसी गांव में कृष्णाराव और उनकी पुत्री त्रिशा घोड़की का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सिरखेड़ में राजकुमार उर्फ राजू बोडखे और उनकी पत्नी अनीता की अंत्येष्टि एक साथ हुई। सरकारी शिक्षिका अरुणा झरबड़े का पार्थिव शरीर घाट बिरोली तथा भोपाल में मेडिकल इंटर्नशिप कर रहे ओम सूर्यवंशी का शव सर्रा गांव पहुंचा, जहां परिजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

परिजनों के अनुसार, सभी लोग खाटूश्याम बाबा के दर्शन के बाद लौटकर दीपावली साथ मनाने की योजना बना रहे थे। त्योहार से ठीक पहले हुई इस दुर्घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया।

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