कोटा , जुलाई 10 -- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय कोटा में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के दौरान जर्जर प्रतिमा अचानक क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद एनएसयूआई के इसका विरोध करने पर मामले ने तूल पकड़ लिया और शुक्रवार को दानों पक्षों में झड़प हो गयी।

एनएसयूआई का आरोप हैं कि अभाविप कार्यकर्ता नारेबाज़ी करते हुए मूर्ति पर चढ़े होंगे, जिससे प्रतिमा क्षतिग्रस्त हुई। मामले के विरोध में एनएसयूआई के छात्र जब ज्ञापन सौंपने पहुंचे तो दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आमने सामने हो गये और धक्का मुक्की एवं झड़प हो गयी। बाद में पुलिस ने मामला शांत कराया।

अभाविप का कहना है कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा के अत्यधिक जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण होने के कारण वह अचानक क्षतिग्रस्त हो गयी। जिस पर विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने गहरी पीड़ा व्यक्त की। अभाविप स्वामी विवेकानंदजी को युवाओं का प्रेरणास्रोत मानती हैं तथा अभाविप उनके विचारों के आलोक में राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर पिछले सात दशकों से भी अधिक समय से राष्ट्र तथा विद्यार्थी हित में कार्यरत है। ऐसे में कांग्रेस पोषित एनएसयूआई द्वारा ऐसे संवेदनशील विषय को राजनैतिक स्वरूप देना एवं परिसर में अराजकता फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि यह प्रतिमा अभाविप के ही पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रहे विशाल जोशी के कार्यकाल में स्थापित करवायी गयी थी और वर्षों से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही है। अभाविप ने पूर्व में भी महाविद्यालय प्रशासन को प्रतिमा की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए उसके जीर्णोद्धार एवं संरक्षण की मांग की थी। घटना के तुरंत बाद अभाविप के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय की प्राचार्य से भेंट कर क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नयी एवं भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।

अभाविप ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन ने भी अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिमा पूर्व से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी, जिसके कारण यह घटना हुई। अभाविप का स्पष्ट मत है कि विद्यार्थियों की आस्था एवं प्रेरणा के इस केंद्र को यथाशीघ्र उसके अनुरूप गरिमा के साथ पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, चितौड़ प्रांत के प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा ने कहा कि एनएसयूआई द्वारा असत्य, भ्रामक एवं तथ्यहीन आरोपों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महाविद्यालय प्रशासन स्वयं अपने आधिकारिक वक्तव्य में स्पष्ट कर चुका है कि प्रतिमा पूर्व से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी। इसके बावजूद सत्य को छिपाकर अभाविप एवं उसके कार्यकर्ताओं की छवि धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में बाहरी तत्वों ने महाविद्यालय परिसर में अराजकता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया। शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक गरिमा एवं शांतिपूर्ण वातावरण को इस प्रकार प्रभावित करना लोकतांत्रिक मूल्यों तथा छात्रहितों के सर्वथा विपरीत है। अभाविप ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत संबंधित सक्षम अधिकारियों से करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

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