बैतूल , अगस्त 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दक्षिण वन मंडल के ताप्ती रेंज अंतर्गत कोटमी बीट के डोक्या जंगल में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। जंगल में कई पेड़ों के ठूंठ, कटी डालियां और लकड़ी के अवशेष मिलने से वन संपदा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य मार्ग से करीब 100 मीटर अंदर सागौन के लगभग पांच बड़े पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आई है।
मौके पर अलग-अलग स्थानों पर कटे पेड़ों के ठूंठ और कटी हुई डालियां दिखाई दीं। कुछ स्थानों पर सागौन के लट्ठे झाड़ियों के बीच पड़े मिले। इससे आशंका जताई जा रही है कि पेड़ों को काटने के बाद लकड़ी को छिपाकर रखने का प्रयास किया गया।
जिस स्थान पर पेड़ों की कटाई बताई जा रही है, वह मुख्य मार्ग से अधिक दूर नहीं है। ऐसे में नियमित गश्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि वनकर्मियों को कटाई की जानकारी तत्काल क्यों नहीं मिली। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी पेड़ों की कटाई की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि ग्रामीणों के आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा काटे गए पेड़ों को ट्रैक्टर के माध्यम से वन चौकी की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान लकड़ी और कार्रवाई की तस्वीरें लिए जाने को लेकर बीट गार्ड द्वारा आपत्ति किए जाने की बात भी सामने आई। वन चौकी के आगे बीएसएनएल टावर के आसपास भी कटी लकड़ियां और पेड़ों की डालियां दिखाई दीं।
मामले में अब वन विभाग की जांच पर निगाहें टिकी हैं। विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने पेड़ काटे गए, कटाई कब हुई, लकड़ी कहां से बरामद हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यदि अवैध कटाई की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
डोक्या क्षेत्र में सागौन के अलावा हल्दू सहित कई इमारती लकड़ी वाली प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे में कथित कटाई की घटना ने वन संपदा की सुरक्षा और गश्ती व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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