पंचकूला , मार्च 25 -- हरियाणा के सरकारी विभागों में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) को सौंपते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
नगर निगम अधिकारियों को घोटाले की जानकारी मिलते ही बैंक और हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया गया। इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक ने भी सक्रियता दिखाते हुए पंचकूला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को शिकायत सौंपी। मामले की जांच डीसीपी कार्यालय द्वारा आर्थिक अपराध शाखा को दी गई थी लेकिन अब सरकार ने इसे एसीबी को ट्रांसफर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, पंचकूला नगर निगम का सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में खाता था, जिसमें नगर निगम की 16 एफडी जमा थीं। ये एफडी एसबीआई बैंक से ट्रांसफर की गई थीं। जांच में सामने आया है कि इनमें से पांच एफडी का बैंक में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
मामले में बैंक की पूर्व कर्मचारी स्वाति और पुष्पिंद्र के नाम सामने आ रहे हैं। फिलहाल एसीबी पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है।
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