नयी दिल्ली , मई 01 -- दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ए.सी.बी.) ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत कथित 37.20 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में कोचिंग संस्थानों के नौ मालिकों, निदेशकों और संबंधित व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी नौ आरोपियों- रविंद्र सिंह जादौन, संजीव, आजाद कलत, हर्षित, नरेंद्र कुमार गुप्ता, शंभू शरण, संजय कुमार, जितेंद्र कुमार और कुंवर दिग्विजय सिंह - को 29 अप्रैल को गिरफ्तार करने के बाद विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला 7 अगस्त, 2025 को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उन आरोपों के बाद दर्ज किया गया था कि कई सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों ने सरकारी धन हड़पने के लिए बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की थीं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में शुरू हुई और 2018 से लागू हुई इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और वजीफा प्रदान करना था। शुरुआत में, आठ संस्थानों को सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें लगभग 5,000 छात्र नामांकित थे। दूसरे चरण (2019-20) में, 38 और संस्थान जोड़े गए, जिससे कुल नामांकन लगभग 22,000 छात्रों तक पहुंच गया। जांच से पता चला कि आरोपी संस्थानों ने प्रवेश के फर्जी दस्तावेज जमा करके धोखाधड़ी से धन का दावा किया। कई छात्रों के नाम एक से अधिक संस्थानों में दर्ज पाये गये। पूछताछ के दौरान कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने एक से अधिक संस्थान में प्रवेश नहीं लिया था। यह इस बात की ओर संकेत करता है कि अतिरिक्त धन का दावा करने के लिये आरोपियों ने दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा किया।
जांच में यह भी पाया गया कि संस्थान योजना के लिए अनिवार्य अलग बैंक खाते बनाये रखने में विफल रहे और कई मामलों में छात्रों को वजीफा नहीं दिया गया। कुछ संस्थानों ने तो योजना के नियमों का उल्लंघन करते हुए कोचिंग का काम स्थानीय शिक्षण केंद्रों को दे दिया था। ए.सी.बी. इस योजना के तहत जमा किये गये आय और जाति प्रमाणपत्रों का भी सत्यापन कर रही है और अन्य संस्थानों तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के प्रमुख और संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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