पटना , मार्च 26 -- बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने गुरुवार को कहा कि सरकार जनहित के कार्यों को बाधित नहीं होने देगी और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

श्री सिन्हा ने आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सभी अंचल अधिकारियों को 25 मार्च की शाम पांच बजे तक कार्य पर लौटने का निर्देश दिया गया था, जिसके बाद अब तक 24 से अधिक अधिकारियों के वापस लौटने की सूचना है। उन्होंने कहा कि सभी अंचलों का प्रभार अधिकारियों को दे दिया गया है। अभी 273 अंचल अधिकारी कार्यरत हैं। सभी को अतिरिक्त प्रभार देकर कार्य की व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि समयसीमा के भीतर लौटे सभी अधिकारियों को सदर अंचलों का प्रभार सौंपा जा रहा है, जबकि अन्य लौटे अधिकारियों को भी जल्द विभिन्न अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सेवानिवृत्त अंचल अधिकारियों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त 46 लाख आवेदनों के निष्पादन में इनकी सेवाएं ली जाएंगी और उन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो अंचलाधिकारी अब तक कार्य पर नहीं लौटे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

श्री सिन्हा ने बताया कि नौ मार्च से जारी सामूहिक अवकाश के बावजूद कार्यों का निष्पादन तेज गति से जारी है। उन्होंने कहा कि अब तक 12,163 दाखिल-खारिज मामलों का निपटारा किया गया है। परिमार्जन प्लस के तहत 38,672 जमाबंदियों में सुधार तथा 16,777 छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन किया गया है। इसके अलावा ई-मापी के 4,431 मामलों का भी निष्पादन किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी सरकार और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें सरकार पूरा सम्मान देगी और राज्य में पारदर्शी एवं जवाबदेह राजस्व प्रशासन सुनिश्चित किया जाएगा।

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