कोण्डागांव , जुलाई 26 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और कोण्डागांव पुलिस की संयुक्त पहल पर पुलिस लाइन परिसर में शनिवार को बहु-विभागीय हितग्राही शिविर का आयोजन किया गया।
यह जानकारी आज पुलिस ने दी। शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य नक्सल पीड़ित परिवारों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा अन्य जिलों एवं राज्यों में आत्मसमर्पण कर वर्तमान में कोण्डागांव में निवासरत पुनर्वासित नक्सलियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था।
शिविर में बस्तर और नारायणपुर जिले के वर्तमान में कोण्डागांव में रह रहे 154 आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा जिले के 150 नक्सल पीड़ित परिवारों को विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। विभागीय अधिकारियों ने पात्रता और दस्तावेजों का परीक्षण कर योजनाओं में पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की तथा लाभ दिलाने के लिए आवश्यक समन्वय किया।
इस दौरान यह भी सामने आया कि कोण्डागांव जिले के 31 आत्मसमर्पित नक्सलियों का निधन हो चुका है, जिनके परिजन अब तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित थे। ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों, विशेषकर उनकी पत्नियों के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र, विधवा पेंशन और अन्य योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के 40, मनरेगा जॉब कार्ड के 27, महतारी वंदन योजना के 42, श्रमिक पंजीयन कार्ड के 75, कृषि पंप एवं कृषि यंत्र अनुदान के 16, कौशल विकास प्रशिक्षण के 14, छात्रवृत्ति के 10, वन अधिकार पट्टा के आठ, ड्राइविंग लाइसेंस के आठ, आयुष्मान कार्ड के सात तथा विभिन्न योजनाओं के 52 हितग्राहियों को प्रत्यक्ष लाभ देने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 63 लोगों की गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्वास्थ्य जांच की गई तथा उद्यान विभाग ने 200 पौधों का वितरण किया।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अविनाश भोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे तथा नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।
पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास तथा उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना स्थायी शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे समन्वित शिविर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
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