कोंडागांव , जुलाई 17 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से कोंडागांव जिला प्रशासन ने गौधाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में पहल शुरू की है। इसके तहत शहर के पुराने गौठान का उन्नयन कर उसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बेसहारा एवं घायल मवेशियों को आश्रय के साथ निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार गौधाम के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सामाजिक संस्था शांति फाउंडेशन को सौंपी गई है। संस्था ने जिम्मेदारी मिलते ही पुराने गौठान परिसर में साफ-सफाई, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य शुरू कर दिए हैं। परिसर को शीघ्र ही मवेशियों के सुरक्षित आवास के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती है। गौधाम शुरू होने के बाद सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों को सुरक्षित रूप से यहां लाकर रखा जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

योजना के तहत गौधाम परिसर में पशु चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। घायल और बीमार मवेशियों के उपचार के लिए पशु चिकित्सक की तैनाती की जाएगी तथा दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी, ताकि दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह पहल पशुधन संरक्षण के साथ-साथ आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन और शांति फाउंडेशन के इस प्रयास का स्वागत करते हुए इसे जनहित और पशु कल्याण की दृष्टि से सराहनीय बताया है।

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