कोंडागांव , फरवरी 26 -- छत्तीसगढ के कोंडागांव जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों से ऑपरेशन और रॉड लगाने के नाम पर अवैध रूप से नगद राशि वसूले जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। दूर-दराज के इलाकों से इलाज की आस लेकर पहुंचने वाले मरीजों के साथ कथित तौर पर यह वसूली अस्पताल परिसर के बाहर नकद लेकर की जा रही है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी न करने या वार्ड से बाहर निकालने की धमकी भी दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि नियमानुसार सरकारी अस्पतालों में किसी भी प्रकार की आर्थिक मांग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इलाज और ऑपरेशन का खर्च आयुष्मान कार्ड या सरकारी योजनाओं के तहत वहन किया जाता है। इसके बावजूद कुछ डॉक्टरों द्वारा लगातार अवैध वसूली का खेल खेले जाने के आरोपों ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इलाज कराना उनके लिए मुसीबत बन गया है। पीड़ित मकसूद आलम ने आरोप लगाया कि वह अपने मित्र के पैर में फ्रैक्चर होने पर उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए थे। आलम ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाने से पहले ही डॉक्टर ने रॉड लगाने के नाम पर पैसे की मांग की। उन्होंने बताया, "डॉक्टर ने ऑनलाइन पैसे लेने से मना कर दिया और अस्पताल के बाहर 12 हजार रुपए नकद लिए। पैसे देने में हिचकिचाहट दिखाने पर मरीज को वार्ड से बाहर फेंक देने की धमकी दी गई। अब कंधे के ऑपरेशन के लिए अलग से आठ हजार रुपए की मांग की जा रही है।" आलम ने दावा किया कि उनके पास इस पूरे मामले का ऑडियो रिकॉर्ड भी मौजूद है।
वहीं, ग्राम उलेरा निवासी साहनी बाई ने बताया कि उनके पति के पैर में चोट लगने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन कर रॉड लगाने वाले डॉक्टर ने उनसे छह हजार रुपए नकद मांगे, जो उन्होंने इलाज के लिए दे दिए। उनके पति का ऑपरेशन 23 फरवरी को किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. पी.एल. मंडावी से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल में किसी भी तरह के ऑपरेशन या इलाज के लिए मरीजों से पैसे नहीं लिए जाते हैं। सभी खर्च आयुष्मान कार्ड या सरकारी योजनाओं से कवर होते हैं।
डॉ. मंडावी ने कहा, "जिला अस्पताल में किसी भी तरह के ऑपरेशन के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता है। इलाज का खर्च आयुष्मान कार्ड से कटता है। अगर ऐसी कोई शिकायत है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है लेकिन जैसे ही औपचारिक शिकायत मिलेगी, जांच के आदेश दे दिए जाएंगे।
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