रुड़की/हरिद्वार , मई 11 -- उत्तराखंड में इंपीरियल एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन, मतलबपुर रुड़की में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को स्थानीय लोगों ने उपजिलाधिकारी रुड़की को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराने तथा कॉलेज को अनुदान सूची से बाहर किए जाने की मांग उठाई है।

संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट को दिए गए ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन अनुदान संबंधी नियमों की अनदेखी कर कार्य कर रहा है। साथ ही ट्रस्ट के भीतर भी लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। ज्ञापन में भूमि लीज से जुड़े मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा गया कि लीज डीड में कथित रूप से बदलाव कर निजी लाभ पहुंचाया गया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2019 में लीज की धनराशि में अचानक भारी वृद्धि की गई, जिससे आर्थिक गड़बड़ी की आशंका पैदा हुई। इसके अलावा कॉलेज पर छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त होने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में दावा किया गया कि इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।

आरोप है कि कॉलेज द्वारा विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों से अधिक प्रवेश लेकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। वहीं पूर्व और वर्तमान में की गई भर्तियों में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा पैसे लेकर नियुक्तियां किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कई लोगों से करोड़ों रुपये लिए गए, जिसकी नामजद शिकायतें कोतवाली गंगनहर में दी गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

धरनारत लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कॉलेज को अनुदान सूची से हटाया जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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