रामनगर,03अप्रैल (वार्ता) उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के साथ एक ठगी का मामला सामने आया है,सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट के जरिए सफारी और रात्रि विश्राम के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे थे।

जिसमे आरोप है कि रामनगर शक्तिनगर निवासी फरमान अली उर्फ फरमान नोशु ने खुद को कॉर्बेट बुकिंग एजेंट बताकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और वेबसाइट के माध्यम से पर्यटकों को गुमराह किया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने 'कॉर्बेटवेंडर' नाम की फेसबुक आईडी, 'नैजा जंगल सफारी' इंस्टाग्राम प्रोफाइल और एक वेबसाइट के जरिए लोगों से संपर्क करता था। वह कॉर्बेट में सफारी और रात्रि विश्राम की बुकिंग का झांसा देकर पर्यटकों से एडवांस रकम अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लेता था।

पैसे लेने के बाद आरोपी पर्यटकों को फर्जी परमिट दस्तावेज भेज देता था, जिससे उन्हें विश्वास हो जाता था कि उनकी बुकिंग कन्फर्म हो गई है। लेकिन जब पर्यटक कॉर्बेट पहुंचते, तो उन्हें पता चलता कि उनके नाम से कोई वैध बुकिंग ही नहीं है।

इस मामले में दिल्ली निवासी निखिल मेहरा ने इस मामले में कोतवाली रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, पुणे की हेमांगी विक्रांत वर्तक ने भी शिकायत करते हुए बताया कि उनसे 1 लाख 20 हजार रुपये के पैकेज के नाम पर 20 हजार रुपये एडवांस लिए गए थे। मौके पर पहुंचने पर उनकी बुकिंग फर्जी निकली।

वन विभाग के डायरेक्टर डॉ साकेत बडोला का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ पर्यटकों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की छवि को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इको टूरिज्म यूनिट के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन आर्य की ओर से कोतवाली रामनगर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही बुकिंग करें और किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित